महालक्ष्मी मंत्र

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः ।

 

विधि

रावण संहिता के अनुसार, इस मंत्र का 108 बार जप शुभ अवसर पर ही करना चाहिए।

मकर संक्रांति, होली, अक्षय तृतीया, कृष्ण जन्माष्टमी, महाशिवरात्री और दिवाली जैसे शुभ अवसर पर मध्यरात्रि में इस मंत्र का जप करना चाहिए।

सबसे पहले इस मंत्र को कुमकुम से थाली पर लिखें और फिर जप करें। इससे आपकी आर्थिक तंगी दूर होती है।

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